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विक्रम सोलर का ‘पावरकनेक्ट 2026’ में इंदौर के रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाया
इंदौर: भारत की प्रमुख सोलर पीवी मॉड्यूल निर्माता कंपनियों में शामिल विक्रम सोलर ने इंदौर में पावरकनेक्ट के दूसरे संस्करण का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह एक खास एक्जिक्यूटिव नेटवर्किंग और ज्ञान साझा करने का मंच था। कार्यक्रम में इंदौर के 140 से अधिक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें ईपीसी कंपनियों, स्वतंत्र बिजली उत्पादकों (आईपीपी), वाणिज्यिक एवं औद्योगिक (सीएंडआई) कंपनियों, प्रोजेक्ट डेवलपर्स, वित्तीय संस्थानों और अन्य प्रमुख क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल थे।
इस मंच पर इंदौर में बदलते रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र पर चर्चा की गई। बातचीत में पीएम-कुसुम योजना के तहत अवसरों, सीएंडआई सोलर एनर्जी क्षेत्र की तेज वृद्धि, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) की बढ़ती भूमिका और भारत के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव में उन्नत सोलन टेक को अपनाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
कार्यक्रम के दौरान विक्रम सोलर ने अपनी नई एन-टाइप सोलर मॉड्यूल तकनीक, बढ़ती मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता और एकीकृत सौर-प्लस-स्टोरेज सॉल्यूशन पेश किए। इनके जरिए कंपनी ने ज्यादा क्षमता वाले सॉल्यूशन उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को दोहराया। भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार ये एनर्जी सॉल्यूशन बाजार की बदलती जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह से सक्षम हैं। कंपनी ने अपनी सप्लाई चेन को ज्यादा मजबूत बनाने पर भी जोर दिया है। उसने वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक अपनी सोलर सेल उत्पादन क्षमता को 9 गीगावाट और वित्त वर्ष 2029-30 तक 12 गीगावाट की वेफर और इंगट मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट इकाई स्थापित करने की योजना भी पेश की।
मध्य प्रदेश भारत के रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में एक प्रमुख विकास बाजार के रूप में उभर रहा है। राज्य अब केवल अलग-अलग सोलर पंप लगाने से आगे बढ़कर बड़े स्तर पर फीडर सोलराइजेशन और सीएंडआई आधारित सौर ऊर्जा परियोजनाओं की दिशा में बढ़ रहा है। मार्च 2026 तक राज्य में करीब 61 गीगावाट की सौर ऊर्जा क्षमता और लगभग 6 गीगावाट की स्थापित सौर क्षमता है। ऐसे में राज्य में नई परियोजनाओं के लिए बड़ी संभावनाएं बन रही हैं। कुसुम/सूर्य मित्र ढांचे के तहत प्रस्तावित 3.3 गीगावाट की सौर ऊर्जा खरीद और अनुमानित 3-5 गीगावाट के फीडर सोलराइजेशन अवसर अगले चरण में विकास की संभावनाओं को दर्शाते हैं। मध्य प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश की गति से भी यह स्पष्ट है।
एसईसीआई ने राज्य में चरणबद्ध तरीके से 2,500 करोड़ रुपए के नवीकरणीय ऊर्जा निवेश का प्रस्ताव रखा है। इसमें 200 मेगावाट की सौर परियोजना और 1,000 मेगावाट घंटे की बैटरी स्टोरेज परियोजना शामिल है।
कार्यक्रम में विक्रम सोलर के नेतृत्व ने कहा कि भारत के ऊर्जा बदलाव का अगला चरण उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी, तकनीक और बेहतर कामकाज से आगे बढ़ेगा। कंपनी का लक्ष्य भरोसेमंद और बेहतर प्रदर्शन करने वाले सौर ऊर्जा समाधानों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करना और मजबूत नवीकरणीय ऊर्जा व्यवस्था के विकास में योगदान देना है।
पावरकनेक्ट 2026 का समापन एक संवादात्मक नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ। इसमें प्रतिभागियों को अपने अनुभव और जानकारी साझा करने, नए कारोबारी अवसर तलाशने और ऐसे सहयोग को मजबूत करने का अवसर मिला, जो इंदौर में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की निरंतर वृद्धि में योगदान देंगे।


